डाक्टर हसन रूहानी ने 32वीं अन्तर्राष्ट्रीय एकता कांफ़्रेंस में बोलते हुए कहा कि आज अमरीका तथा इस्लामी जगत के बीच मतभेद का मुख्य मुद्दा आज़ादी और ग़ुलामी है। राष्ट्रपति रूहानी ने स्पष्ट किया कि तानाशाह, हमारे जीवन का निर्धारण नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वे शक्तियां जिन्होंने स्वयं को परमाणु शस्त्रों से संपन्न किया है उन्होंने संयुक्त राष्ट्रसंघ में वीटो के अधिकार प्राप्त कर लिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि अमरीका तथा ब्रिटेन ने वीटो का दुरूपयोग करते हुए मध्यपूर्व में अवैध ज़ायोनी शासन को जन्म दिया।
ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि इन्ही बातों के दृष्टिगत मुसलमानों को पश्चिम विशेषकर अमरीका के मुक़ाबले में डट जाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान समय में मध्यपूर्व की स्थिति को बहुत ही तनावपूर्ण एवं संवेदनशील बताया।